अब विरोध की आवाज़ फ़ैलने लगी है और न सिर्फ़ आम आदमी बल्कि अभिनेता , विद्यार्थी, और प्रबुद्ध वर्ग भी सरकार की गलत नीतियों और आचरण के खिलाफ़ लामबंद हो रहा है । आज अदालत में वितरित किए गए एक सूचना पत्र में कडकडडूमा बार एसोसिएशन ने अदालत प्रशासन को इस बाबत बताया है ।
पत्र के अनुसार , कडकडडूमा बार एसोसिएशन के कल यानि आठ जून को , रामलीला मैदान में दिल्ली पुलिस एवं दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के ईशारे पर की गई बर्बरतापूर्ण कृत्य के विरोध में एक दिन न्यायालय की कार्यवाहियों में भाग नहीं लेने के फ़ैसला किया है । विशेष परिस्थितियों और जरूरी जमानत याचिकाओं के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के अलावा सभी अधिवक्ता हडताल पर रहेंगे । ज्ञात हो कि सर्वोच्च न्यायालय ने पहले ही इस घटना पर आए समाचारों पर स्वत: संज्ञान ले कर सरकार से दो सप्ताह के भीतर इसका जवाब मांगा है ।
कल यानि आठ जून को ही , अन्ना हज़ारे ने भी एक दिन के अनशन की घोषणा कर रखी है और बावजूद इसके कि जंतर मंतर पर सरकार ने इसके लिए रोक लगा दी है , ऐसे में अधिवक्ताओं का उसी दिन हडताल का फ़ैसला सरकार के लिए बहुत बडी मुसीबत खडी करने वाला है । अब आने वाला समय ही बताएगा कि ये माहौल सरकार को किस ओर ले जाता है ।

